माँ

भूख मुझे लगती है जब जब
खाना मुझे खिलाती है माँ ,
धूप मुझे लगती है जब जब
छाया मुझे दिखाती है माँ ।

सिर्फ तू ही है जो यह करती है
और कोई ना है जो यह करता है,
चलना सिखा कर एक एक करके
दौड़ लगाना सिखाया तूने ।

जीवन मुझ को दान में देके ,
मौत से लड़ना सिखाया तूने
खुद से जीना सिखाया तूने ,
आगे बढ़ना सिखाया तूने
सिर्फ तूने ,सिर्फ तूने ,सिर्फ तूने !!!!
-बृज राहुल

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