माँ

भूख मुझे लगती है जब जब
खाना मुझे खिलाती है माँ ,
धूप मुझे लगती है जब जब
छाया मुझे दिखाती है माँ ।

सिर्फ तू ही है जो यह करती है
और कोई ना है जो यह करता है,
चलना सिखा कर एक एक करके
दौड़ लगाना सिखाया तूने ।

जीवन मुझ को दान में देके ,
मौत से लड़ना सिखाया तूने
खुद से जीना सिखाया तूने ,
आगे बढ़ना सिखाया तूने
सिर्फ तूने ,सिर्फ तूने ,सिर्फ तूने !!!!
-बृज राहुल

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दोस्ती

कुछ ऐसा करो दोस्ती कि लिए की thanks और sorry बे ईमान लगे
ऐसी यारी निभओ की यार छोडना मुश्किल और ज़िंदगी छोडना आसान लगे -brij rahul

My mind evoked

I sat here, waiting for the rain,
On a fresh new porch,
I held my brain.

Heavy thoughts filled my mind,
Exhausted, from the
routine grind.

Rains arrival,
I awaited with pleasure,
Cleansing drops,
became my treasure.

I yelled out for
heaven’s tear,
All my sorrows,
I hoped it shall clear.

When the very first drop,
hit my head,
Pure excitement,
virally spread.

Came down suddenly,
it started to pour,
My heart and spirit,
began to soar.

Seconds later my life was
cleansed and soaked,
My clear mind,
has been evoked.